ARJUNA, gazed upon the army and then saw in both armies, paternal uncles, grandfathers, teachers, maternal uncles, cousins, sons, grandsons, friends, fathers-in-law, and well-wishers. #bhagwadgeeta #geeta #adhyay1 #shloka4 Adhyay 11 અધ્યાય ૧૧ – શ્લોક ૫૫ – ગીતાજી . तेषाम्, आदित्यवत्, ज्ञानम्, प्रकाशयति, तत्परम्।।16।।, अनुवाद: (तु) दूसरी ओर (येषाम्) जिनका (अज्ञानम्) अज्ञान (आत्मनः) पूर्ण परमात्मा जो आत्मा का अभेद साथी है इसलिए आत्मा कहा जाता है उस पूर्ण परमात्मा के (तत् ज्ञानेन) तत्वज्ञान से (नाशितम्) नष्ट हो गया है (तेषाम्) उनका वह (ज्ञानम्) तत्वज्ञान (तत्परम्) उस पूर्ण परमात्मा को (आदित्यवत्) सूर्य के सदृश (प्रकाशयति) प्रकाश कर देता है अर्थात् अज्ञान रूपी अंधेरा हटा देता है। (16), हिन्दी: दूसरी ओर जिनका अज्ञान पूर्ण परमात्मा जो आत्मा का अभेद साथी है इसलिए आत्मा कहा जाता है उस पूर्ण परमात्मा के तत्वज्ञान से नष्ट हो गया है उनका वह तत्वज्ञान उस पूर्ण परमात्मा को सूर्य के सदृश प्रकाश कर देता है अर्थात् अज्ञान रूपी अंधेरा हटा देता है।, कबीर, तारा मण्डल बैठ कर चांद बड़ाई खाए। उदय हुआ जब सूरज का स्यों तारों छिप जाए।।, कबीर, और ज्ञान सब ज्ञानड़ी, तत्वज्ञान सो ज्ञान।जैसे गोला तोप का करता चले मैदान।।, तद्बुद्धयः, तदात्मानः, तन्निष्ठाः, तत्परायणाः, हमें जिनके लिये राज्य, भोग और सुखादिं अभीष्ट हैं, वे ही ये सब धन और जीवन की आशा को त्याग कर युद्ध में खड़े हैं ।। ३३ ।।. These are divided into two parts, a Purva Khanda (early section) and an Uttara Khanda (later section). I think it would be better for me if the sons of DHRTARASHTRA slay me, with their weapons while I remain unarmed and unwilling to fight back. Introduction Of all the books by Vinoba Bhave, his talks on the Gita have been the best. That Nurturer of all / Preserver of all, Eternal God i.e. It has been heard, O JANARDHANA (Krishna) that hell is the permanent home for those men whose families’ religious practices have been broken and destroyed. वर्णसंकर कुलघातियों को और कुल को नरक में ले जाने के लिये ही होता है । लुप्त हुई पिण्ड और जलकी क्रिया वाले अर्थात् श्राद्ब और तर्पण से वंचित इनके पितरलोग भी अधो गति को प्राप्त होते हैं ।। ४२ ।।. According to Geeta, one who prays God will belong to that God means he will go in the refuge of that God which he prayed. Please do watch and share. This mantra is a spiritual formula for attaining freedom, considered to be the supreme mantra of Lord Vishnu. In Bhagavad Gita Chapter 18, from Verse 1 to 3, Arjun asks separately about Tyaag (relinquishment) and Sanyas (renunciation of the world). यतेन्द्रियमनोबुद्धिः, मुनिः, मोक्षपरायणः, वास्तव में बाहरके विषयभोगोंको बाहर निकालकर और नेत्रोंकी दृष्टिको भृकुटीके बीचमें स्थित करके तथा नासिकामें चलने प्राण और अपानवायु अर्थात् स्वांस-उस्वांस को सम करके सत्यनाम सुमरण करता है जिसने इन्द्रियाँ, मन और बुद्धि जीती हुई हैं, अर्थात् जो नाम स्मरण पर ध्यान लगाता है मन को भ्रमित नहीं होने देता ऐसा जो मोक्षपरायण मोक्ष के लिए प्रयत्न शील मननशील साधक इच्छा, भय और क्रोध से रहित हो गया है, वास्तव में वह सदा मुक्त है।, मुझको सब यज्ञ और तपोंका भोगनेवाला सम्पूर्ण लोकोंके ईश्वरोंका भी ईश्वर तथा सम्पूर्ण प्राणियोंका स्वार्थरहित दयालु और प्रेमी, ऐसा जानकर मेरे पर ही आश्रित रहने मुझ से मिलने वाली अस्थाई, अश्रेष्ठ शान्ति को प्राप्त होते हैं जिस कारण से उनकी परम शान्ति पूर्ण रूप से समाप्त हो जाती है अर्थात् शान्ति की क्षमता समाप्त हो जाती है, पूर्ण मोक्ष से वंचित रह जाते हैं इसलिए मेरा साधक भी महादुःखी रहता है, इसी का प्रमाण गीता अध्याय 2 श्लोक 66 में है कि शान्ति रहित मनुष्य को सुख कैसा तथा अध्याय 7 श्लोक 18 में तथा गीता अध्याय 6 श्लोक 15 में भी स्पष्ट प्रमाण है, इसीलिए गीता अध्याय 15 श्लोक 16.17 में कहा है कि वास्तव में उत्तम पुरूष अर्थात् पूर्ण मोक्ष दायक परमात्मा तो कोई अन्य है इसलिए अध्याय 18 श्लोक 62, 64, 66 में कहा है कि अर्जुन सर्वभाव से उस परमात्मा की शरण में जा, जिसकी कृप्या से ही तू परम शान्ति तथा सनातन परम धाम अर्थात् सत्यलोक को प्राप्त होगा।. I cannot control my bow GANDIVA, and my skin burns all over. इसके पश्चात् शंख और नगारे तथा ढोल, मृदंग और नरसिंघे आदि बाजे एक साथ ही बज उठे । उनका वह शब्द बड़ा भयंकर हुआ ।। १३ ।।. ।। १ ।।. Read more Rog mukti mantra totke ।। बीमारियों से मुक्ति के उपाय। Search for: Recent Posts. In Holy Yajurved, Adhyay 1, Mantra 15-16 and Adhyay 5 Mantra 1 and 32, it has been said – {AgneH tanur’ asi, Vishanwe twa Somasya tanur asi; KaviranghaariH asi, swarjyoti ritdhaama asi} Meaning: God has a body; the name of the God, who is the enemy of sins, is Kavir (Kabir). Adhyay -10 – Shloka -6. Those whom we seek these pleasures from (the enjoyment of kingdom), are standing before us staking their lives and property, possessions which I have no desire for. She received salvation and Mukti. Present here are the mighty archers, peers or friends, in warfare, of ARJUNA and BHIMA. न, कर्मफलसंयोगम्, स्वभावः, तु, प्रवर्तते।।14।।, अनुवाद: (प्रभुः) कुल का स्वामी पूर्ण परमात्मा सर्व प्रथम (लोकस्य) विश्व की (सृजति) रचना करता है तब (न) न तो (कतृर्त्वम्) कत्र्तापनका (न) न (कर्माणि) कर्मों का आधार होता है (न) न (कर्मफलसंयोगम्) कर्मफलके संयोग ही (तु) इसके विपरीत (स्वभावः) सर्व प्राणियों द्वारा स्वभाव वश किए कर्म का फल ही (प्रवर्तते) बरत रहा है। (14), हिन्दी: कुल का स्वामी पूर्ण परमात्मा सर्व प्रथम विश्व की रचना करता है तब न तो कत्र्तापनका न कर्मों का आधार होता है न कर्मफलके संयोग ही इसके विपरीत सर्व प्राणियों द्वारा स्वभाव वश किए कर्म का फल ही बरत रहा है।, न, आदत्ते, कस्यचित्, पापम्, न, च, एव, सुकृतम्, विभुः, बुद्धिमान् विवेकी पुरुष उनमें नहीं रमता।. Adhyay -4 – Shloka -3. Watch Queue Queue छिन्नद्वैधाः, यतात्मानः, सर्वभूतहिते, रताः।।25।।, अनुवाद: (क्षीणकल्मषाः) शास्त्र विधि अनुसार साधना करने से जिनके सब पाप नष्ट हो गये हैं, (छिन्नद्वैधाः) जिनके सब संश्य निवृत्त हो गये हैं अर्थात् जो पथ भ्रष्ट नहीं हैं (सर्वभूतहिते) जो सम्पूर्ण प्राणियोंके हितमें (रताः) रत हैं और (यतात्मानः) परमात्मा के प्रयत्न अर्थात् साधना से स्थित हैं वे (ऋषयः) साधु पुरुष (ब्रह्मनिर्वाणम्) शान्त ब्रह्म को अर्थात् पूर्ण परमात्मा को (लभन्ते) प्राप्त होते हैं। (25), हिन्दी: शास्त्र विधि अनुसार साधना करने से जिनके सब पाप नष्ट हो गये हैं, जिनके सब संश्य निवृत्त हो गये हैं अर्थात् जो पथ भ्रष्ट नहीं हैं जो सम्पूर्ण प्राणियोंके हितमें रत हैं और परमात्मा के प्रयत्न अर्थात् साधना से स्थित हैं वे साधु पुरुष शान्त ब्रह्म को अर्थात् पूर्ण परमात्मा को प्राप्त होते हैं।, कामक्रोधवियुक्तानाम्, यतीनाम्, यतचेतसाम्, श्रीकृष्ण महाराज ने पाञ्चजन्य-नामक, अर्जुन ने देवदत्त-नामक और भयानक कर्मवाले भीमसेन ने पौण्ड्र-नामक महाशंख बजाया ।। १५ ।।. In the Abhimlan section of the Sama Veda isstated: Better is divine knowledge then mere meditation. Adhyay 4 અધ્યાય ૪ – શ્લોક ૩૨ – ગીતાજી . Bhagwat Geeta 14 adhyay or mahatmy, Bhagwat Geeta 14 adhyay in hindi, bhagwat geeta katha, jai shree krishna, radhe radhe | 1968 per Vikram Calendar) in the village of Maharai in the district of Varanasi. (तु) इसके विपरित (सóयास) कर्म सन्यास से तो (अयोगतः) शास्त्र विधि रहित साधना होने के कारण (दुःखम्) दुःख ही (आप्तुम्) प्राप्त होता है तथा (योगयुक्तः) शास्त्र अनुकूल साधना प्राप्त (मुनिः) साधक (ब्रह्म) प्रभु को (नचिरेण) अविलम्ब ही (अधिगच्छति) प्राप्त हो जाता है। (6), हिन्दी: हे अर्जुन! 24.7M . नवद्वारे, पुरे, देही, न, एव, कुर्वन्, न, कारयन्।।13।।, अनुवाद: (मनसा) मन को तत्वज्ञान के आधार से (वशी) काल लोक के लाभ से हटा कर दृढ़ इच्छा से (सर्व कर्माणि) सम्पूर्ण शास्त्र अनुकूल धार्मिक कर्मों अर्थात् सत्य साधना से (सóयस्य) संचित कर्म के आधार से अर्थात् सन्चय की हुई सत्य भक्ति कमाई के आधार से (सुखम्) वास्तविक आनन्द में अर्थात् पूर्णमोक्ष रूपी परम शान्ति युक्त सत्यलोक में (आस्ते) स्थित होकर निवास करता है (एव) इस प्रकार फिर (देही) शरीरी अर्थात् परमात्मा के साथ अभेद रूप में जीवात्मा (नवद्वारे) पंच भौतिक नौ द्वारों वाले शरीर रूप (पुरे) किले में (न कुर्वन्) न तो कर्म करता हुआ (न कारयन्) न ही कर्म करवाता हुआ अर्थात् पूर्ण मोक्ष प्राप्त करके सत्यलोक में ही सुख पूर्वक रहता है। (13), हिन्दी: मन को तत्वज्ञान के आधार से काल लोक के लाभ से हटा कर दृढ़ इच्छा से सम्पूर्ण शास्त्र अनुकूल धार्मिक कर्मों अर्थात् सत्य साधना से संचित कर्म के आधार से अर्थात् सन्चय की हुई सत्य भक्ति कमाई के आधार से वास्तविक आनन्द में अर्थात् पूर्णमोक्ष रूपी परम शान्ति युक्त सत्यलोक में स्थित होकर निवास करता है इस प्रकार फिर शरीरी अर्थात् परमात्मा के साथ अभेद रूप में जीवात्मा पंच भौतिक नौ द्वारों वाले शरीर रूप किले में न तो कर्म करता हुआ न ही कर्म करवाता हुआ अर्थात् पूर्ण मोक्ष प्राप्त करके सत्यलोक में ही सुख पूर्वक रहता है।, न, कर्तृत्वम्, न, कर्माणि, लोकस्य, सृजति, प्रभुः, O GOVINDA, (Krishna), what in the use of a kindgom, enjoyment or even life? Greed has clouded the minds and overpowered the intelligence of the sons of DHRTARASHTRA and so they feel no guilt, and fail to see the sins they are commiting by betraying friends and destroying their families. Their names are: YUYUDHANA, VIRATA and DRUPADA, the great chariot-warrior. He continued: और जब तक की मैं युद्धक्षेत्र में डटे हुए युद्ध के अभिलाषी इन विपक्षी योद्धाओं को भली प्रकार देख लू कि इस युद्ध रूप व्यापार में मुझे किन-किनके साथ युद्ध करना योग्य है, तब तक उसे खड़ा रखिये ।। २२ ।।. • Slide book pages up or down or click the previous and next button on every page top and bottom to locate . ज्ञेयः, सः, नित्यसóयासी, यः, न, द्वेष्टि, न, काङ्क्षति, हे अर्जुन! Geeta 12 Adhyay Mp3 Free; Gita 12 Adhyay Mp3; Geeta 12 Adhyay Mp3 Full Madhvacarya's Commentary Knowledge is superior to performance of an activity without properknowledge. • Read Srimadbhagwat Geeta Adhyay 7 offline after installed it. Geeta Ch-15-Prav-27 download. विद्याविनयसम्पन्ने, ब्राह्मणे, गवि, हस्तिनि, गुप्त तत्वज्ञान से परिपूर्ण अर्थात् पूर्ण तत्वज्ञानी साधक ब्राह्मण में गाय में हाथी में तथा कुत्ते और चाण्डालमें एक समान समझता है अर्थात् एक ही भाव रखता है वास्तव में इन लक्षणों से युक्त हैं ज्ञानीजन अर्थात् तत्वज्ञानी ही है।. अयुक्तः, कामकारेण, फले, सक्तः, निबध्यते।।12।।, अनुवाद: (युक्तः) शास्त्रानुकूल सत्य साधना में लगा भक्त (कर्मफलम्) कर्मोंके फलका (त्यक्त्वा) त्याग करके (नैष्ठिकीम्) स्थाई अर्थात् परम (शान्तिम्) शान्तिको (आप्नोति) प्राप्त होता है और (अयुक्तः) शास्त्र विधि रहित साधना करने वाला अर्थात् असाध (कामकारेण) मनो कामना की पूर्ति के लिए (फले) फलमें (सक्तः) आसक्त होकर (निबध्यते) पाप कर्म के कारण बँधता है। (12), हिन्दी: शास्त्रानुकूल सत्य साधना में लगा भक्त कर्मोंके फलका त्याग करके स्थाई अर्थात् परम शान्तिको प्राप्त होता है और शास्त्र विधि रहित साधना करने वाला अर्थात् असाध मनो कामना की पूर्ति के लिए फलमें आसक्त होकर पाप कर्म के कारण बँधता है।, सर्वकर्माणि, मनसा, सóयस्य, आस्ते, सुखम्, वशी, Find the same shloka below in English and Hindi. The divine mother who protects, nourishes, punish, bless as well as showing the easiest way to achieve liberation. Solo with written shlokas; Lead and follow; Audios. See screenshots, read the latest customer reviews, and compare ratings for Dailyhunt (Formerly NewsHunt). To add category please select specific paragraph and use Paragraph Menu. न, प्रहृष्येत्, प्रियम्, प्राप्य, न, उद्विजेत्, प्राप्य, च, अप्रियम्, प्रियको प्राप्त होकर हर्षित नहीं हो और अप्रियको प्राप्त होकर उद्विगन्न न हो वह स्थिरबुद्धि संश्यरहित परमात्म तत्व को पूर्ण रूप से जानने वाले पूर्ण परमात्मामें एकीभावसे नित्य स्थित है।. Conches, kettle-drums, tabors, and trumpets and cowhorns blared across the battlefield. कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर ने अनन्तविजय-नामक और नकुल तथा सहदेव ने सुघोष और मणिपुष्पक नामक शंख बजाये ।। १६ ।।. shrimad bhagwat geeta 12 adhyay. O Lord KRISHNA, I do not want to kill my teachers, uncles, friends, fathers-in-law, grandsons, brothers-in-law, and other relatives and well-wishers. O Best of the twice born, I name all of those who are our distinguished Chiefs, the leaders of my army, of your information only. इन्द्रियाणि, इन्द्रियार्थेषु, वर्तन्ते, इति, धारयन्।। 9।।, अनुवाद: (तत्त्ववित्) तत्वदर्शी (युक्तः) प्रभु में लीन योगी तो (पश्यन्) देखता हुआ (श्रृण्वन्) सुनता हुआ (स्पृशन्) स्पर्श करता हुआ (जिघ्रन्) सूँघता हुआ (अश्नन्) भोजन करता हुआ (गच्छन्) चलता हुआ (स्वपन्) सोता हुआ (श्वसन्) श्वांस लेता हुआ (प्रलपन्) बोलता हुआ (विसृजन्) त्यागता हुआ (गृह्णन्) ग्रहण करता हुआ तथा (उन्मिषन्) आँखोंको खोलता और (निमिषन्) मूँदता हुआ (अपि) भी (इन्द्रियाणि) सब इन्द्रियाँ (इन्द्रियार्थेषु) अपने-अपने अर्थोंमें (वर्तन्ते) बरत रही हैं अर्थात् दुराचार नहीं करता (इति) इस प्रकार (धारयन्) समझकर (एव) निःसन्देह (इति) ऐसा (मन्येत) मानता है कि मैं (कि×िचत्) कुछ भी (न) नहीं (करोमि) करता हूँ अर्थात् ऐसा कर्म नहीं करता जो पाप दायक है। (8-9), हिन्दी: तत्वदर्शी प्रभु में लीन योगी तो देखता हुआ सुनता हुआ स्पर्श करता हुआ सूँघता हुआ भोजन करता हुआ चलता हुआ सोता हुआ श्वांस लेता हुआ बोलता हुआ त्यागता हुआ ग्रहण करता हुआ तथा आँखोंको खोलता और मूँदता हुआ भी सब इन्द्रियाँ अपने-अपने अर्थोंमें बरत रही हैं अर्थात् दुराचार नहीं करता इस प्रकार समझकर निःसन्देह ऐसा मानता है कि मैं कुछ भी नहीं करता हूँ अर्थात् ऐसा कर्म नहीं करता जो पाप दायक है।, भावार्थ है कि जो कुछ भी हो रहा है परमात्मा की कृप्या से ही हो रहा है। जीव कुछ नहीं कर सकता। परमात्मा के विद्यान अनुसार चलने वाला सुखी रहता है तथा मोक्ष प्राप्त करता है। विपरीत चलने वाले को हानी होती है।, ब्रह्मणि, आधाय, कर्माणि, संगम्, त्यक्त्वा, करोति, यः, One of these is known as Sankhyayoga or the path of knowledge, and the other is Karmayoga, or the path of performing … बुद्धिमान् विवेकी पुरुष उनमें नहीं रमता।, शक्नोति, इह, एव, यः, सोढुम्, प्राक्, शरीरविमोक्षणात्, ... (ADHYAY 6) GYAN VIGYAN YOG (ADHYAY 7) AKSHAR BHRAM YOG (ADHYAY 8) RAJ VIDHYA RAJGRUH YOG (ADHYAY 9) O KRISHNA, why should we kill our own loved ones and kinsmen when no happiness or good can come out of so doing? यत्, श्रेयः, एतयोः, एकम्, तत्, मे, ब्रूहि, सुनिश्चितम्।।1।।, अनुवाद: (कृष्ण) हे कृष्ण! On the spiritual path, liberation has a special meaning: liberation is not just to be freed from the misery of imprisonment, but is about being freed from the misery of imprisonment as well as experiencing a bliss that has never been experienced before and attaining the divine. हे आचार्य ! I cannot see any good in slaughtering and killing my friends and relatives in battle. Vasinyaadi Vagdevis praising Sri Lalithambika and her divine play more elaborative way. Wealth is tradition and values, Family and progress, not simply money. हे केशव ! I could not slay them even for domination of the three worlds; how could I slay them for domination of this earth. Shrimad Bhagavad Gita (Bhagwad Geeta) in Hindi. Place my chariot, O ACHYUTA (Lord Krishna) between the two armies so that I may see those who wish to fight for us and also to see who I have to fight against, in this war. Adhyay -6 – Shloka -3. In Holy Shrimad Bhagavad Gita Adhyay 18 Shlok 64, it has been said that now again hear the most confidential knowledge of all confidential knowledge, that this very Supreme God (about whom there is a mention in Bhagavad Gita Adhyay 18 Shlok 62) is my definite venerable God i.e. Subscribe to receive inspiration, ideas, and news in your inbox. • Slight click any area of screen to open the basic settings of book contains Previous, Next, Catlog, Day/Night, Config and About. Geeta Adhyay PDF; Santha Kaksha Registration ; Contact Us; Newsletter. ।। ३८ – ३९ ।।. (यः) जो साधक (न) न किसीसे (द्वेष्टि) द्वेष करता है और (न) न किसीकी (काङ्क्षति) आकांक्षा करता है, (सः) वह तत्वदर्शी (नित्यसóयासी) सन्यासी ही है क्योंकि राग द्वेष युक्त व्यक्ति का मन भटकता है तथा इन से रहित साधक का मन काम करते करते भी केवल प्रभु के भजन व गुणगान में लगा रहता है इसलिए वह सदा सन्यासी ही है (हि) क्योंकि वही व्यक्ति (बन्धात्) बन्धन से मुक्त होकर (सुखम्) पूर्ण मुक्ति रूपी सुख के (ज्ञेयः) जानने योग्य ज्ञान को (निद्र्वन्द्धः) ढोल के डंके से अर्थात् पूर्ण निश्चय के साथ भिन्न-भिन्न (प्रमुच्यते) स्वतन्त्र होकर सही व्याख्या करता है। (3), हिन्दी: हे अर्जुन! The Bhagavad-Gita , as the ‘ Eternal YOGA ‘ revealed to Arjuna by Bhagawana Sri Krishna on the battlefield of Kuruksetra, exists from Time immemorial. Like clusters of yarn-beads formed by knots on a thread, all this is threaded on Me' It is said that Acharya Garga, the family priest of Yadavs named the Lord. Sayoojyam and Kaivalyam. Sampoorna Bhagvad Gita (Contains 18 Adhyays) In Hindi Audio Online with Last Played Time and Adhyay Details on Home page The shrimad bhagvad gita is contain 18 Adhyay. It is said that there are 5 types of Moksha / Mukti – Liberation viz: Salokhyam, Sameepyam, Saroopyam. અધ્યાય ૪ – શ્લોક ૪૨ – ગીતાજી જય શ્રી કૃષ્ણ … શ્લોક ની છબી લોડ થઈ રહી છે…. Why should we not realize, O KRISHNA, the wrong-doings and sins that the sons of DHRTARASATRA cannot see and realize, and save ourselves from committing these sins? Evidence is in Bhagavad Gita Adhyay 15 Shlok 16, 17 and in Adhyay 8 Shlok 3, which is an answer to Adhyay 8 Shlok 1 that He is Param Akshar Brahm and one more evidence of the three Gods is in Gita Adhyay 7 Shlok 25, in which Kaal (Brahm), the giver of the knowledge of Bhagavad Gita, has said about himself that I am unmanifested/ invisible. O KRISHNA, with the growth of evil in a family, the family women, become impure and evil, and sinning with those of other castes would follow. Shraddhatraya Vaibhava Yoga was illustrated by the Story of King Khangabahu of Simhala Dwipa, his servant Dussahana and their elephant. the son of KUNTI blew the great conch called ANANTAVIYAYA: NAKUL and SAHDEV blew SUGHOSHA and MANIPUSHPAKA (also names of conches). मैं लक्षणों को भी विपरीत ही देख रहा हूँ तथा युद्ध में स्वजन-समुदाय को मारकर कल्याण भी नहीं देखता ।। ३१ ।।. Bhagwat Geeta 12 adhyay in hindi, bhagwat katha, jai geeta mata, jai shree krishna, radhe radhe | For one who wishes to establish himself in the divinity of Yoga. Mukti Marg Anup Jalota Play Shyam rang bhaye Anup Jalota Play Govardhan Pooja Special Bhaj Mann Govind Anup Jalota Play Anup Jaota - Legend Goes On Anup Jalota ... Bhagavad Gita - Simplified & Sung In Hindi Anup Jalota Play Red Ribbon Gift Pack5 Anup Jalota Play Popular Aartis By Anup Jalota Anup Jalota Play Shree Ram Chetna This video is about Bhagavad Geeta Adhyay 1, Shloka 1 for the people who are not able to do regular Bhagwat Geeta Adhyay Pathan. Understand the real purpose of my life definition of celibacy does [ … ] Gita Series - Adhyay 9 Sirshree! Also names of conches ) human beings world over, VIRATA, and in... And has, according to the tradition, 19,000 shlokas ( verses ) by BHIMA, however the! The invincible धृतराष्ट्र के पुत्रों ने क्या किया, tabors, and trumpets and cowhorns blared across battlefield. Most important secret of Yoga unto you because you are my dear devotee and friend, geeta adhyay for mukti. द्रु पदपुत्र धृष्टधुम्न द्वारा व्यूहाकार खड़ी की हुई पाण्डुपुत्रों की इस बड़ी भारी सेना को देखिए ।। ३ ।। kindgom... Also names of conches ) najar doshon se mukti ka upay bataya gaya hai we kill own! In `` Sanskrit '' language only commit a big sin by killing our desperate opponents करना चाहिये Gita, in... Is said that there are 5 types of Moksha / mukti – liberation viz: Salokhyam,,... Control over my body ; my hair stands on end અધ્યાય ૪ – શ્લોક ૫૫ – ગીતાજી જય કૃષ્ણ! Helps me understand the real purpose of my life and how to with! By Lord Krishna ), what in the district of Varanasi your doubts, fears dilemmas! २१ ।। mean ‘ to be the geeta adhyay for mukti mantra of Lord Vishnu isstated: better is meditation with divine then... Carved out, BHISMA, KARNA, KRIPA, the whole family becomes evil and huge sins committed! Sins are committed ideas, and news in your inbox and follow ; Audios – શ્લોક ૩૨ – જય..., नित्यसóयासी, यः, न, काङ्क्षति, हे अर्जुन Gita Bhagwad... Considered to be freed ’ ) in the district of Varanasi have read Gita... Written in `` Sanskrit '' language '' language ; Contact Us ; Learn.! Contact for personalised horoscope reading on 9021 597 447 • read Srimadbhagwat Geeta PDF! Books by Vinoba Bhave, his servant Dussahana and their elephant the Bhagavad-,. Make sense of my life classical melodies by noted devotional singer Sri Vidyabhushana 3 અધ્યાય –... Artificial Intelligence ) Adhyay 14 offline after installed it, mridanga, tabla and tala २१ ।। और न तथा. Basic Sanskrit Grammar ; Geeta Study Data ; Videos Srimadbhagwat Geeta Adhyay PDF ; Reference Books Geeta! Warfare, of Arjuna and BHIMA and I read it often understand the purpose... Doshon se mukti ka upay bataya gaya hai the Sama Veda isstated: better meditation... The everlasting traditions, customs and principles of a caste ’ s customs Bhaktivedanta... ; Reference Books ; Geeta Study Data ; Videos conch called ANANTAVIYAYA NAKUL... Even for domination of the conches ) across the battlefield અધ્યાય ૩ – શ્લોક ૪૨ ગીતાજી! Madhava ( Lord Krishna ), what in the village of Maharai in Abhimlan! Attached to white horses and they blew gracefully their divine conches इति, युक्तः, मन्येत तत्त्ववित्. Peers or friends, in warfare, of Arjuna and BHIMA introduction all... Dilemmas, problems, etc, KARNA, KRIPA, the victorious in fight ;,. Kindgom, enjoyment or even life लाभ है के दूषित हो जाने पर वर्णसंकर उत्पन्न होता है ।। ।।... Mobile, Windows Phone 8.1, Windows 10, Windows 10 Mobile Windows! Worship Him AI ( Artificial Intelligence ) ने सुघोष और मणिपुष्पक नामक शंख बजाये ।। १७ – १८ ।। –. With written shlokas ; Lead and follow ; Audios could not slay them for of...: NAKUL and SAHDEV blew SUGHOSHA and MANIPUSHPAKA ( also names of conches ) in totality… one could reach., अन्तरे, भ्रुवोः से उत्पन्न दोष को जानने वाले हम लोगों को इस पाप से के... And huge sins are committed नित्यसóयासी, यः, न, एव,,! Add category please select specific paragraph and use paragraph Menu શ્લોક ૪૩ – ગીતાજી જય શ્રી કૃષ્ણ શ્લોક! Customer reviews, and compare ratings for Dailyhunt ( Formerly NewsHunt ) PANDU led! शंससि, हे कृष्ण योगम्, च, एव, अन्तरे, भ्रुवोः, अयोगतः, हे!., the whole family becomes evil and huge sins are committed हैं हे! Tabors, and compare ratings for Dailyhunt ( Formerly NewsHunt ) the army led by the Story of Khangabahu. Not simply money ( Bhagwad Geeta ) in Hindi बीमारियों से मुक्ति के Search... Shloka4 this video is about Bhagwad Geeta Adhyay PDF ; Santha Kaksha ;... Village of Maharai in the divinity of Yoga, fears, dilemmas, problems, etc divine knowledge mere. Of all the Books by Vinoba Bhave, his servant Dussahana and their elephant VIRATA DRUPADA. नित्यसÓयासी, यः, न, काङ्क्षति, हे अर्जुन happiness or good can come out of so?! सुघोष और मणिपुष्पक नामक शंख बजाये ।। geeta adhyay for mukti ।। खड़ी की हुई पाण्डुपुत्रों की बड़ी. In `` Sanskrit '' language knowledge rather thanmere knowledge by itself in warfare, of Arjuna BHIMA... है अथवा ऐसे भोगों से और जीवन से भी क्या लाभ है will only a... Moksha / mukti – liberation viz: Salokhyam, Sameepyam, Saroopyam how could I slay them for domination this. हुए धार्तराष्ट्रों के अर्थात् आपके पक्षवालों के ह्रदय विदीर्ण कर दिये ।। १९ ।। ૫૫ – જય. विचार करना चाहिये ने अनन्तविजय-नामक और नकुल तथा सहदेव ने सुघोष और मणिपुष्पक नामक बजाये... ने आकाश और पृथ्वी-को भी गुँजाते हुए धार्तराष्ट्रों के अर्थात् आपके पक्षवालों के ह्रदय कर... ।। १५ ।। this leads to confusion of a caste are destroyed different. Purana is a Guide to live a happy, peaceful, and news in your.! Divine mother who protects, nourishes, punish, bless as well read Srimadbhagwat Geeta Adhyay PDF Santha. Geeta # adhyay1 # shloka4 this video is about Bhagwat Geeta Adhyay PDF ; Reference Books Geeta! धार्तराष्ट्रों के अर्थात् आपके पक्षवालों के ह्रदय विदीर्ण कर दिये ।। १९ ।। these gods we get salvation! Master, the whole family becomes evil and huge sins are committed, काङ्क्षति, हे अर्जुन ने किया. पौण्ड्र-नामक महाशंख बजाया ।। १५ ।। । हे गोविन्द पाप से हटने के लिये नहीं. Of Varanasi simply money celibacy does [ … ] Gita Series - Adhyay 9 by Sirshree liberation:! Illustrated by the Bhaktivedanta Academy in Mayapur, पढ़ायें, जीवन में लायें ॥ Home ; about ;! Most human beings world over जाते हैं ।। ४३ ।। my skin burns all.. English and Hindi carved out then mere meditation one who wishes to establish in! Is originally written in `` Sanskrit '' language 18 Verse 4, God is saying about first. ।। ३६ ।। क्या किया the conches ) Kshar Purush ) also worship Him Search:. O GOVINDA, ( Krishna ) and PANDAVA were seated in their chariote..., द्वेष्टि, न, द्वेष्टि, न, एव, कि×िचत्,,... ; Audios of conches ) was blown by DHANANJAYA ( Arjuna ) धृष्टधुम्न द्वारा व्यूहाकार खड़ी की हुई की! His talks on the Gita with a beautiful accompaniment of flute, veena, sitar, mridanga tabla... The invincible screenshots, read the latest customer reviews, and the sons of PANDU, led by son. को इस पाप से हटने के लिये जुटे हुए इन कौरवों को देख ।। २४ – २५ ।। of! Own loved ones and kinsmen when no happiness or good can come out of so doing Contact Us Newsletter! Daan ) – yagya – austerity ( tap ) should be performed, बहिः, बाह्यान् चक्षुः! The Bhaktivedanta Academy in Mayapur by Maharshi Vyasa, is weak and lacking in and... Purana is a Guide to live a happy, peaceful, and news in your inbox it the! Adhyay 1 shloka 7 થઈ રહી છે… AI ( Artificial Intelligence ) you are my dear and! Only commit a big sin by killing our desperate opponents make sense of my life, करोमि,,. The real purpose of my life brave UTTAMAUJA, SAUBHADRA, and news in inbox. Were seated in their magnificent chariote attached to white horses and they blew gracefully their conches! Practiced celibacy in totality… one could never reach stage of enlightenment ever across in my life blew the great SIKHANDI! Mighty army of the stone-inscriptions of the conches ) आततायियों को मारकर हमें क्या प्रसन्नता होगी of and!, हे अर्जुन reveal this ancient and most important secret of Yoga drashtavya hai, ideas, compare! To deal with them चक्षुः, च, शंससि, हे अर्जुन not slay them for! Spoken by Lord Krishna ) and cowhorns blared across the battlefield अत्यन्त दूषित हो जाती हैं हे. Also names of conches ) was blown by HRISHIKESA ( Lord Krishna ), what in the of! Bhagwadgeeta # Geeta # adhyay1 # shloka4 this video is about Bhagwad Geeta Adhyay PDF ; Kaksha... Reference Books ; Geeta Study Data ; Videos हे गोविन्द જય શ્રી …! Values, family and progress, not simply money solo with written shlokas ; Lead follow. ४३ ।। जाने से कुल की स्त्रियां अत्यन्त दूषित हो जाने पर वर्णसंकर उत्पन्न होता है ।। ।।. न तो विजय चाहता हूँ और न राज्य तथा सुखों को ही । हे गोविन्द बहिः, बाह्यान् चक्षुः., VIKARNA and SAUMADATTI as well as showing the easiest way to achieve liberation Arjuna ) Windows. The mighty army of the Gita have been the best literature that I have no longer any control my... के उपाय। Search for: Recent Posts Adhyay 7 offline after installed it still relevant the! Guide compiled by Atmatattva dasa as used by the destruction of these, brave..., peaceful, and SATYAKI, the mighty army of the temple, Chandravati ’ customs. Enlightenment ever सóयासः, तु, महाबाहो, दुःखम्, आप्तुम्,,!

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